मंगलवार, 1 मार्च 2011

सहारनपुर यात्रा


मुन्ना लाल गर्ल्स कालेज में परीक्षक के रूप में जाना पड़ा था, प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों के अलावा अन्य कक्षाओं  के विद्यार्थियो तथा शोध छात्राओं एवं उनके प्राध्यापकों व् प्राचार्या के विशेष आग्रह पर डेमोसट्रेशन दिया लगभग हर माध्यम में . सहारणपुर के समाचार पत्रों  ने हर डेमोसट्रेशन को बढ़ चढ़कर अपने अपने समाचार पत्रों के माध्यम से प्रकाशित किया .
इस यात्रा का लाभ यह रहा की परीक्षक के कार्य के साथ साथ शहर के संस्क्रीतक गौरव को समझने  का मौका मिला, यहाँ के विश्व विख्यात लकड़ी के उत्किरण के कार्य को करीब से देखने का मौका मिला  छात्राओं को कला की बहस में  कुछ जानने का संयोग बना . कला की महत्त्वपूर्ण विधाओं के विषय में विस्तार से चर्चा भी हुयी डॉ.मधु जैन के संकलन रचनाओं एवं पुस्तकों के रूप में पहली बार देखने को मिले, इन सब के अलावा कालेज की प्राचार्या डॉ.रंजना प्रकाश से मुलाकात और उनके वाराणसी के अनुभवों ने वहां को फिर से जीवंत कर दिया |
कुछ खरीद फरोख्त और गेस्ट होउस के कर्मचारिओं की यादें और जिले के उप जिला अधिकारी शुक्ल जी का स्नेह डॉ.राम शब्द सिंह जी की मेहमान नवाजी, डॉ. महेश  और  जनाब अकबर का स्नेह याद दिलाता रहता है सहारनपुर को.

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